सोमवार, दिसम्बर ११, २०१७
लेफ्टिनेंट कर्नल राजन अग्रवाल ...
लेफ्टिनेंट कर्नल राजन अग्रवाल ने साइबर अपीलीय अधिकरण नई दि...
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डॉ एस एस चाहर ने साइबर अपीलीय ...
डॉ एस एस चाहर ने साइबर अपीलीय अधिकरण नई दिल्ली में सदस्य (...
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क्षेत्राधिकार

कोई भी व्यक्ति नियंत्रक द्वारा अथवा  सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, २००० के अधीन नियुक्त निर्णायक अधिकारी द्वारा  किए गए किसी आदेश से व्यथित होने पर  आदेश की  प्रति प्राप्त होने के  ४५  दिनों के भीतर न्यायाधिकरण के सम्मुख याचिका दायर  कर सकता है |

केन्द्र सरकार अधिनियम की धारा १८ के तहत प्रदान कार्यों के निर्वहन के लिए सरकारी राजपत्र में अधिसूचना द्वारा प्रमाणन प्राधिकरण नियंत्रक, उप और सहायक नियंत्रकों की नियुक्ति कर सकती है जिनकी योग्यता, अनुभव और नियम और सेवा की शर्तें सरकार द्वारा निर्धारित की जा सकती है | अधिनियम केन्द्र सरकार को एक  निर्णायक अधिकारी की नियुक्ति, जिसकी योग्यता भारत सरकार के निर्देशक के स्तर से नीचे ना हो   अथवा राज्य सरकार के समतुल्य अधिकारी की हो , की नियुक्ति करने का अधिकार देता  है, जो यह जांच कर सकता है कि यदि  किसी भी व्यक्ति ने अधिनियम के किसी प्रावधान या  किसी नियम, विनियम या दिशा या आदेश की अवहेलना की हो जो की उसे जुर्माने या मुआवजे का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी बनता है  | अधिनियम के अंतर्गत नियुक्त निर्णायक अधिकारी अपनी  क्षेत्राधिकार अधिकारिता का प्रयोग कर जांच कर सकते हैं जिनमें चोट या नुकसान के लिए दावा 5 करोड़ रुपए से अधिक नहीं है | पाँच करोड़ रुपए से अधिक रुपए चोट या नुकसान के दावे  के संबंध में लिए क्षेत्राधिकार सक्षम अदालत के साथ करेगा | यदि चोट या नुकसान का दावा पाँच करोड़ रुपए से अधिक हो तो यह अन्य सक्षम अदालत के आधिकार क्षेल मे होगा |







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मई २३, २०१७ को ३:३१ शाम अंतिम बार अद्यतित